एप्पल कंपनी का पूरा इतिहास, कारोबार और भविष्य!
कैसे एक गैराज से दुनिया की सबसे दमदार टेक कंपनियों में शामिल हुई ‘एप्पल’

एप्पल आईफोन की जैसे ही कोई नई सीरीज लॉन्च होती है लोग इसे खरीदने के लिए टूट पड़ते हैं क्योंकि आईफोन आज एक स्टेटस सिंबल बन चुका है। केवल एप्पल का आईफोन ही नहीं बल्कि एप्पल के ‘एयरपॉड्स’, ‘एप्पल वॉच’, ‘एप्पल मैकबुक’ का क्रेज भी ग्राहकों के बीच बना हुआ है। यह सब केवल इनके फीचर्स की वजह से नहीं बल्कि उनकी डिजाइन और इसकी ब्रांड वैल्यू की वजह से संभव हुआ है।
हर नए लांच के साथ एप्पल को बाजार में ग्राहकों का भरपूर सहयोग मिलता है। लेकिन एप्पल की शुरुआत कहां से हुई? कैसे यह कंपनी एक स्टेटस सिंबल बन गई है? इसके पीछे भी एक बेहद ही दिलचस्प कहानी है।
एप्पल केवल आईफोन बनाने वाली कंपनी नहीं है। इन्होंने शुरुआत कंप्यूटर से की फिर म्यूजिक प्लेयर, स्मार्टफोन, टैबलेट, स्मार्ट वॉच, वॉयरलैस इयरफोंन से टेक/गैज़ेट के बाजार में कदम रखा।
आज इस कंपनी ने ‘एप स्टोर’, ‘एप्पल म्यूजिक’, ‘AI क्लाउड’, ,एप्पल पे’,’एप्पल टीवी’ जैसी अलग-अलग सेवाओं के जरिए एक नया बिजनेस मॉडल खड़ा किया है। मतलब एक बार ग्राहक एप्पल का कोई एक डिवाइस खरीद लेता है तो हमेशा के लिए एप्पल के डिजिटल इकोसिस्टम से जुड़ा रहता है।
चलिए जानते हैं आखिर एप्पल में ऐसा क्या है खास?
एप्पल क्या है और यह कंपनी क्या करती है?
‘एप्पल इंक’ (Apple Inc) अमेरिका की एक टेक्नोलॉजी कंपनी है, जिसका हेडक्वार्टर कैलिफोर्निया में है। यह कंपनी सिर्फ गैजेट्स नहीं बनाती बल्कि एप्पल हार्डवेयर, सॉफ्टवेयर और डिजिटल सेवाओं को जोड़कर एक ऐसा बेजोड़ प्लेटफार्म तैयार करती है कि इससे जुड़ने वाला हर व्यक्ति गैज़ेट और सुविधाओं का बेहतरीन अनुभव प्राप्त करता है ।
एप्पल के मुख्य कारोबार को 5 हिस्सों में बांटा जाता है।
- आईफोन (iphone)
- मैक (Mac)
- आईपैड (ipad)
- एप्पल वियरेबल, होम एंड एसेसरीज (Apple Wearable)
- एप्पल सर्विसेज ( Apple Services एप स्टोर, एप्पल म्यूजिक, AI, क्लाउड, एप्पल टीवी, एप्पल पे, एप्पल केयर)
वर्ष 2026 में एप्पल को 50 साल पूरे हो चुके हैं। इस कंपनी की स्थापना 1 अप्रैल 1976 को हुई थी। अपने इस 50 वर्षों के सफर में एप्पल ने अपने आप को हर बार बदला है और पहले से बेहतर किया है । हर बार ऐसे विशेष बदलाव किए हैं जिससे ग्राहकों को ही फायदा मिला है।
उदाहरण के लिए यदि कोई व्यक्ति एप्पल का आईफोन खरीदता है, तो बाद में वह एप्पल के एयरपॉड, एप्पल वॉच इत्यादि जरूर खरीदता है। अब वह एप्पल क्लाउड पर वह अपना सारा डाटा सेव करता है। म्यूजिक सुनने के लिए वह एप्पल म्यूजिक का इस्तेमाल करता है। यहां तक की ऐप डाउनलोड करने के लिए वह एप्पल के ‘एप स्टोर’ से ही ऐप डाउनलोड करता है। मतलब एप्पल कम्पनी ग्राहक को केवल एक डिवाइस नहीं बेचती बल्कि यह ग्राहक को भविष्य में भी अपने डिजिटल सिस्टम से जोड़ कर रखती है।
एप्पल कंपनी की शुरुआत कैसे हुई?
एप्पल कंपनी की शुरुआत 1974 में जरूर हुई, लेकिन इसकी नींव 1970 के दशक में रखी गई थी। इस कंपनी को ‘स्टीव जॉब्स’, ‘स्टीव वोजनियाक’ और ‘रोनाल्ड वायने’ ने मिलकर बनाया। यह कंपनी एक गैराज से शुरू हुई, जहां स्टीव वोजनियाक कंप्यूटर के हार्डवेयर और सर्किट पर काम करते थे। वही स्टीव जॉब्स प्रोडक्ट को आम लोगों के लिए आकर्षक बनाते थे। स्टीव जॉब का विजन, मार्केटिंग और डिजाइन एप्पल को आगे तक लेकर आया। हालांकि उनके तीसरे पार्टनर रोनाल्डो ने कुछ समय बाद एप्पल कंपनी छोड़ दी थी।
जब यह कंपनी खड़ी हुई तब उनका पहला प्रोडक्ट ‘एप्पल 1’ लांच हुआ। इसके बाद जरूरत के आधार पर इन्होंने एप्पल II लॉन्च किया। एप्पल II एक ऐसा पर्सनल कंप्यूटर था जो दुनिया भर में बहुत ज्यादा मशहूर हुआ, क्योंकि यह कंप्यूटर छोटे कारोबारियों द्वारा इस्तेमाल किया जा रहा था। एप्पल II ने ही इस कंपनी को सफलता दिलवाई।

इसके बाद एप्पल ने ‘मैकिनटोश’ लॉन्च किया। मैकिनटोश एक उन्नत डिजाइन वाला कंप्यूटर था जिसमें पहली बार ग्राफिकल यूजर इंटरफेस और माउस का इस्तेमाल किया गया था। इस प्रकार पिछले 50 वर्षों में एप्पल ने ‘एप्पल 1’, ‘एप्पल 2’, ‘मैकिनटोश’, ‘आईपॉड’, ‘आईफोन’, ‘आईपैड’, ‘एप्पल वॉच’, ‘एयरपॉड’ जैसे अलग अलग प्रोडक्ट के माध्यम से बाजार में अपनी जगह बनाई है।
1977 से 2026 तक एप्पल के CEO
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वर्ष |
सीईओ |
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1977-1981 |
माइकल स्कॉट |
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1983-1993 |
जॉन स्कुली |
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1993-1996 |
माइकल स्पिनडर |
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1996-1997 |
गिल अमेलो |
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1997-2011 |
स्टीव जॉब |
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2011- वर्तमान |
टिम कुक |
एप्पल कंपनी के उतार-चढ़ाव का इतिहास
आज जिस एप्पल कंपनी की सफलता को हम देख रहे हैं वह रातों-रात मिली हुई सफलता नहीं है। इस सफलता के पीछे है बहुत सारी मेहनत, बहुत सारे प्रयोग, अनगिनत गलत फैसले, लीडरशिप का संकट और आखिरकार एक ऐसी दूरदर्शिता जिसने एप्पल कंपनी को सब आज नंबर 1 बनाया है।
एप्पल कंपनी स्टीव जॉब्स और स्टीव वोजनियाक के नेतृत्व में तरक्की कर रही थी। इन्होंने ‘एप्पल 1’ के बाद ‘एप्पल II’ लॉन्च किया। ‘एप्पल II’ को दुनिया भर में लोकप्रियता भी मिल रही थी। इसके बाद 1984 में मैकिनटोश आया जो एक उन्नत कंप्यूटर था, जिसमें ग्राफिकल यूजर इंटरफेस और माउस का इस्तेमाल किया जा रहा था।
इस कंप्यूटर ने एप्पल कंपनी को नई ऊंचाइयों पर पहुंचा दिया। हालांकि इस दौरान स्टीव जॉब और स्टीव वोजनियाक के बीच आपसी मतभेद बढ़ चुका था। आखिरकार 1985 में स्टीव जॉब एप्पल से अलग हो गए। स्टीव जॉब के अलग होने के बाद भी एप्पल कंपनी ने कई सारे प्रोडक्ट लॉन्च किए, लेकिन इसे वह सफलता नहीं मिल रही थी जिसकी उम्मीद थी।
इसी बीच बाजार में माइक्रोसॉफ्ट विंडो की लोकप्रियता बढ़ती जा रही थी। इसके उलट एप्पल की स्थिति दिन-ब-दिन कमजोर पड़ रही थी। एप्पल की दशा और दिशा दोनों ही 1997 में पलटी जब स्टीव जॉब्स अपने एप्पल वापस ज्वाइन किया।
स्टीव जॉब्स ने जैसे ही एप्पल ज्वाइन किया उन्होंने प्रोडक्ट की क्वांटिटी नहीं बल्कि प्रोडक्ट्स की क्वालिटी पर ध्यान देना शुरू किया। स्टीव जॉब्स की लीडरशिप में ही 1998 में आईमैक ( iMac) लॉन्च हुआ। इसने कंप्यूटर डिजाइन की सोच बदल डाली। इसके बाद एक के बाद एक धमाकेदार प्रोडक्ट्स लॉन्च होते चले गए और एप्पल ने टेक्नोलॉजी इंडस्ट्री में फिर से तहलका मचा दिया। 2007 में एप्पल का आईफोन (iPhone) लॉन्च हुआ और इसके साथ ही मोबाइल इंडस्ट्री का पूरा दृश्य बदल गया।
एप्पल की तरक्की में एप्पल आईफोन(iphone) का हाथ
2007 में एप्पल कंपनी ने आईफोन लॉन्च किया। इस समय बाजार में पहले से ही नोकिया, ब्लैकबेरी और दूसरे बड़े-बड़े ब्रांच के मोबाइल मौजूद थे। आईफोन एक टच स्क्रीन फोन था, लेकिन इसमें टच स्क्रीन के अलावा एप्पल ने नए फीचर्स भी जोड़े जैसे इसमें इंटरनेट ब्राउजिंग, म्यूजिक और सॉफ्टवेयर को एक ही डिवाइस में जोड़ा गया। यही खासियत एप्पल आईफोन को सबसे अलग बनाती गई।

इसके बाद एप्पल के एप्प स्टोर ने (iPhone) आईफोन को और ज्यादा शक्तिशाली बनाया। एप स्टोर के बाद यह स्मार्टफोन एक ऐप बेस्ड कंप्यूटर डिवाइस बन गया।
एप्पल की तरक्की में आईफोन इस प्रकार जुड़ा की आज भी एप्पल के प्रॉफिट में आईफोन का सबसे बड़ा हाथ बताया जाता है। लेकिन कंपनी की रणनीति सिर्फ आईफोन पर निर्भर नहीं है।
एप्पल के अन्य उत्पाद जैसे कि मैक, आईपैड, एप्पल वॉच, एप्पल एयरपॉड्स और एप्पल की अन्य सर्विसेज भी ग्राहकों द्वारा काफी पसंद की जा रही है। यह सब भी एप्पल की सोची समझी स्ट्रेटजी का ही हिस्सा है।
एप्पल के कौन-कौन से प्रोडक्ट्स और सेवाएं बाजार में उपलब्ध हैं?
एप्पल कंपनी का पोर्टफोलियो बहुत ही ज्यादा बड़ा है। एप्पल आईफोन के अलावा एप्पल के कई सारे ऐसे प्रोडक्ट्स है जो ग्राहकों द्वारा काफी पसंद किए जाते हैं:
एप्पल प्रोडक्ट का सूचीबद्ध विवरण
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वर्ष |
प्रोडक्ट |
प्रोडक्ट टाइप |
ग्राहक बेस |
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1976 |
एप्पल 1 |
पर्सनल कम्प्यूटर |
शुरुआती कम्प्यूटर यूजर |
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1977 |
एप्पल 2 |
पर्सनल कम्प्यूटरपर्सनल कम्प्यूटर |
घरेलू उपयोग, बिज़नेस,छोटे उद्योग |
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1984 |
मैकिंटोश |
डेस्कटॉप कम्प्यूटर |
प्रोफेशनल यूजर और छात्र |
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2001 |
आईपॉड (ipod) |
डिजीटल म्यूज़िक |
संगीत प्रेमी |
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2007 |
आईफोन (iphone) |
स्मार्टफोन |
सामान्य ग्राहक और प्रोफेशनल |
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2010 |
आईपैड(ipad) |
टैबलट |
छात्र, प्रोफेशनल, क्रिएटिव आर्टिस्ट |
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2015 |
एप्पल वॉच |
स्मार्टवॉच फिटनेस बैंड |
फिटनेस प्रेमी |
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2016 |
एयर पॉड |
वायरलेस ऑडियो |
सामान्य ग्राहक, म्यूज़िक प्रेमी |
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2024 |
एप्पल विज़न प्रो |
स्पाशीयल कम्प्यूटिंग |
AR/VR और अन्य प्रोफेशनल यूजर |
1.एप्पल आईफोन: एप्पल आईफोन इस कंपनी का सबसे लोकप्रिय प्रोडक्ट है। आईफोन के अलग-अलग सीरीज अब तक बाजार में लॉन्च किए जा चुके हैं और हर सीरीज को ग्राहकों का भरपूर प्यार मिला है। जैसे ही कोई नया मॉडल लॉन्च होता है ग्राहक प्री बुकिंग के लिए लंबी-लंबी कतारों में खड़े हो जाते हैं। आज एप्पल आईफोन की डिमांड इतनी है कि लोग लाखों रुपए देकर भी इस फोन को खरीद लेते हैं।
2.एप्पल मैक: मैक एप्पल कंपनी का एक कंप्यूटर है। इसके भी कई सारे मॉडल बाजार में मौजूद हैं। मैकबुक एयर, मैकबुक प्रो, मैक मिनी, मैक स्टूडियो, मैक प्रो इत्यादि। इस प्रोडक्ट की सबसे महत्वपूर्ण खासियत है इसकी M सीरीज़ चिप जो एप्पल के मैक को अन्य कंप्यूटर से मजबूत बनाती है।
3.आईपैड : एप्पल का आईपैड आज एक ऐसा दमदार डिवाइस है जिसने टैबलेट के बाजार में अपनी पहुंच बनाई है। पढ़ाई, ऑफिस, डिजाइन, एंटरटेनमेंट या क्रिएटिव काम करने वाले लोग अन्य किसी कंपनी के टैबलेट खरीदने की जगह एप्पल का आईपैड खरीदते हैं। क्योंकि इसमें एप्पल के अन्य फीचर्स तो मिलते ही हैं साथ ही फास्ट प्रोसेसिंग सिस्टम की सुविधा भी मिलती है।
4.एप्पल वॉच: अन्य घड़ियों की तरह एप्पल वॉच केवल समय दिखाने वाला डिवाइस नहीं। एप्पल वॉच एक हाईटेक व्रिस्ट बैंड है जिसमें फिटनेस, सेफ्टी, नोटिफिकेशन, कम्युनिकेशन और हेल्थ से जुड़े कई सारे फीचर्स मिलते हैं।
5.एप्पल एयरपॉड्स: वॉयरलैस इयरफोन की दुनिया में एप्पल के एयरपॉड्स सबसे ज्यादा लोकप्रिय हैं। यदि कोई ग्राहक एप्पल का कोई गैज़ेट खरीदता है तो वह एप्पल के एयरपॉड्स जरूर खरीदता है, क्योंकि इसके बिना गैजेट का अनुभव पूरी तरह से नहीं मिलता।
6.एप्पल की अन्य सर्विसेज: एप्पल के अन्य सर्विसेज में ‘एप स्टोर’, ‘एप्पल म्यूजिक’, ‘एप्पल टीवी’ ,‘AI’, ‘क्लाउड’, ‘एप्पल पे’ ,’एप्पल केयर’ जैसी अन्य सुविधाएं शामिल हो चुकी हैं। एप्पल का डिवाइस इस्तेमाल करने वाला ग्राहक इन सभी सुविधाओं का लाभ लेते हैं। हालांकि इनमें से सुविधाएं कुछ मुफ्त तो कुछ शुल्क सहित उपलब्ध है।
एप्पल की टेक्नोलॉजी और इनोवेशन की असली ताकत
एप्पल कंपनी की सबसे बड़ी ताकत है अलग-अलग तकनीक को एक साथ जोड़कर काम करना। एप्पल कंपनी किसी एक ही तकनीक पर विश्वास नहीं रखती। समय के साथ यह कंपनी अलग टेक्नोलॉजी अपनाती है। इनोवेशन पर ध्यान देती है। यही वजह है कि आज एप्पल इनकॉरपोरेशन इतनी ज्यादा तरक्की कर चुका है।
एप्पल ने एक लंबे समय तक मैक में इंटेल के प्रोसेसर इस्तेमाल किए। इसके बाद उन्होंने एप्पल सिलिकॉन अपनाया। उन्होंने अपने खुद के M सीरीज चिप बनाए जिसकी वजह से CPU, GPU मेमोरी आर्किटेक्चर और पावर एफिशिएंसी को एक साथ जोड़ा जा सका।
एप्पल खुद के हार्डवेयर और सॉफ्टवेयर दोनों बनाता है जिसकी वजह से टेक्नोलॉजी पर इसका पूरा नियंत्रण होता है। एप्पल ने अपने खुद के डिवाइस के लिए खुद का ऑपरेटिंग सिस्टम बनाया है जैसे कि, IOS और MacIOS; IOS आईफोन के लिए और मैक IOS एप्पल के मैक सीरीज के लिए।
आज एप्पल आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के क्षेत्र में भी उल्लेखनीय कार्य कर रही है। एप्पल कंपनी ने अपना खुद का AI एप्पल इंटेलिजेंस बनाया है जो एप्पल के हर डिवाइस में AI कि सुविधा दे रही है।
मतलब साफ है एप्पल ने हर बार नए इनोवेशन पर ध्यान दिया है। अन्य किसी टेक्नालॉजी पर निर्भर होने की बजाय इन्होंने खुद की अपनी टेक्नोलॉजी बनाई। हार्डवेयर से लेकर सॉफ्टवेयर, चिप्स से लेकर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस तक सब कुछ एप्पल अपने ट्रेडमार्क के अंदर बना रहा है।
इन सबके इतर एप्पल अपने ग्राहकों को बेहतरीन प्राइवेसी की गारंटी भी देता है। कंपनी ने हर बार दावा किया है कि यहां ग्राहक का डाटा सुरक्षित रखा जाता है। यही प्राइवेसी वाला फैक्टर आज आज एप्पल की पहचान बन चुका है और उसकी ब्रांड वैल्यू बढ़ा रहा है।
एप्पल की आईडियोलॉजी क्या है ?
- एप्पल के प्रोडक्ट्स आमतौर पर बाकी कम्पनियों के मुकाबले बहुत ज्यादा महंगे होते हैं। लेकिन इनके प्रोडक्ट्स को सिर्फ महंगा कहना सही नहीं होगा।
- क्योंकि एप्पल ने लगातार नई और उन्नत टेक्नोलॉजी पर काम किया है।
- एप्पल ने टेक्नोलॉजी को यूजर फ्रेंडली बनाने की कोशिश की है। अपने हर डिजाइन को ग्राहकों की जरूरत के आधार पर बदला है।
- एप्पल का हर प्रोडक्ट एक विशेष आईडियोलॉजी को ध्यान में रखकर बनाया जाता है।
- पहले आइडिया आता है, उस पर रिसर्च की जाती है।
- एक डिजाइन तैयार होता है, डिजाइन पर काम किया जाता है।
- अब इसे परखा जाता है, परखने के बाद मैन्युफैक्चरिंग की जाती है।
- प्रोडक्ट क्वालिटी कंट्रोल चेक से गुजरता है, फिर डिस्ट्रीब्यूशन देखा जाता है।
- कस्टमर का फीडबैक लिया जाता है। फिर इस डिजाइन को पहले से और बेहतर किया जाता है।
- वर्तमान में एप्पल की सप्लाई चेन में 60 से अधिक देश जुड़ चुके हैं। जहां हज़ारों सप्लायर एप्पल के प्रोडक्ट से लेकर एप्पल के एक-एक कॉम्पोनेंट पर काम कर रहे हैं।
एप्पल का प्रोडक्ट कैसे बनता है?
- एप्पल कंपनी अपना हर प्रोडक्ट अपनी फैक्ट्री में नहीं बनाती। एप्पल का हर एक मॉडल ग्लोबल सप्लाई चेन पर निर्भर करता है। दुनिया भर में एप्पल के सप्लायर फैले हुए हैं। अलग-अलग सप्लायर अलग-अलग कंपोनेंट बनाता है। कोई सेमीकंडक्टर बनाता है, तो कोई डिस्प्ले, कोई कैमरा, तो कोई कोई बैटरी बनाता है।
- इन सारे कॉम्पोनेंट्स को अलग-अलग सप्लायर से लेकर फाइनल असेंबली फैसिलिटी में जोड़ा जाता है।
- इसके बाद एक फाइनल प्रोडक्ट बनता है। फाइनल प्रोडक्ट पर जांच होती है। क्वालिटी चेक किए जाते हैं।
- इसके बाद इसकी पैकेजिंग होती है। पैकेजिंग के बाद एप्पल अपनी विशेष लॉजिस्टिक नेटवर्क के जरिए प्रोडक्ट अलग-अलग देश में भेजता है।
- यह प्रोडक्ट एप्पल स्टोर, ऑनलाइन स्टोर और दूसरे डिस्ट्रीब्यूशन चैनल के जरिए ग्राहकों तक पहुंचाते हैं।
- आंकड़ों की माने तो आने वाले 4 वर्षों के अंदर एप्पल 600 अरब डॉलर और निवेश करने वाला है ताकि एप्पल के अलग-अलग प्रोडक्ट्स के उत्पादन को बढ़ाया जा सके।
एप्पल में नौकरी और कर्मचारी बेनिफिट
- एप्पल में सिर्फ सॉफ्टवेयर इंजीनियर काम नहीं करते, बल्कि यह कंपनी अलग-अलग सेक्टर में नौकरियां जनरेट करती है। जैसे कि हार्डवेयर, इंजीनियरिंग, सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट ,आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, डिजाइन, ऑपरेशन ,सप्लाई चेन, रिटेल मार्केटिंग, फाइनेंस, कस्टमर सपोर्ट इत्यादि।
- एप्पल की करियर वेबसाइट पर आए दिन अलग-अलग वैकेंसी के नोटिफिकेशन जारी होते हैं। 2026 में भी कंपनी एनवायरमेंटल इनोवेशन के क्षेत्र में अलग-अलग हायरिंग कर रही है।
- इसके अलावा एप्पल अलग-अलग क्षेत्र में भी बड़ी संख्या में रोजगार पैदा करता है।
- इस कंपनी की सबसे खास बात यह है कि यह अपने कर्मचारियों को अच्छी खासी सैलरी तो देता ही है साथ ही अन्य सुविधाएं जैसे कि हेल्थ बेनिफिट, रिटायरमेंट सेविंग प्रोग्राम, एम्पलाई डिस्काउंट ,प्रोफेशनल डेवलपमेंट जैसे बेनिफिट भी देता है।
- एप्पल कंपनी में नौकरी पाने के लिए केवल डिग्री नहीं बल्कि टेक्निकल स्किल, प्रोबलम सॉल्विंग स्किल, क्रिएटिविटी और कोलैबोरेशन का भी भरपूर ध्यान दिया जाता है।
एप्पल का सोशल सर्विस और पर्यावरण संरक्षण क्षेत्रों में योगदान
एप्पल कंपनी जितनी तेजी से तरक्की कर रही है उतने ही तेज़ी से यह सोशल रिस्पांसिबिलिटी भी निभा रही है।
एप्पल ने अब तक अलग-अलग कैंपेन चलाकर अनगिनत लोगों की मदद की है।
स्कॉलरशिप से लेकर फ्री कोर्सेज के माध्यम से एप्पल ने जहां स्टूडेंट्स को सहायता उपलब्ध करवाई है वही एक लंबे समय से एप्पल एनवायरमेंटल स्ट्रेटजी भी बना रहा है जिसका लक्ष्य है कार्बन फुटप्रिंट्स को कम करना।
अपने प्रोडक्शन हाउस में ही एप्पल ग्लोबल ग्रीनहाउस गैस एमिशन में 60% की कमी कर चुका है।
अपने प्रोडक्ट्स को एप्पल इस प्रकार बनाते हैं कि यह रीसायकल किया जा सके।
एप्पल अपने ही पुराने प्रोडक्ट्स को अलग-अलग कर उसमें से उपयोगी पदार्थ निकालकर उन्हें फिर से इस्तेमाल करने पर जोर देता है।
एप्पल सप्लाई चेन में भी सस्टेनेबिलिटी लाने की कोशिश कर रहा है।
अपने प्रोडक्ट के प्रोडक्शन में एप्पल पानी बचाना इलेक्ट्रिसिटी बचाना जैसे काम भी कर रहा है।
क्या है एप्पल का भविष्य ?
एप्पल लगातार नए इनोवेशन, नई टेक्नोलॉजी पर काम करता आया है। आने वाले समय में भी एप्पल अलग-अलग टेक्नोलॉजी पर काम करने की स्ट्रैटेजी बना चुका है।
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से लेकर स्पेशल कंप्यूटिंग और हेल्थ टेक्नोलॉजी में एप्पल का इन्वेस्टमेंट हो चुका है।
एप्पल ने अपने सर्विस सेक्टर को भी पहले से ज्यादा बेहतर का फैसला कर लिया है ।
हालांकि एप्पल के सामने कई बड़े ब्रांड मौजूद हैं जो पहले से ही इस सेक्टर में काम कर रहे हैं लेकिन एप्पल का कंजूमर बेस काफी अलग है। इसीलिए भविष्य में एप्पल नए रिकॉर्ड कायम करने वाला है।
एप्पल की रेवेन्यू (2025 के आकंड़े) (सोर्स एप्पल की आधिकारिक वेबसाइट)
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प्रोडक्ट |
2025 रेवेन्यु |
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एप्पल iphone |
$209.59 अरब |
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एप्पल सर्विस |
$109.26 अरब |
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एप्पल वॉच, एक्सेसरीज, इयरफोन, होम एक्सेसरीज |
$35.69 अरब |
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मैक (mac |
$33.71 अरब |
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आईपैड (iPad |
$28.02 अरब |
निष्कर्ष
अपने 50 सालों के सफर में एप्पल ने कई बार संकटों का सामना किया। स्टीव जॉब का कंपनी से जाना, उत्पादन का कमजोर होना, माइक्रोसॉफ्ट से पिछड़ना और फिर से ऊंचाई का रास्ता नापना, एप्पल ने काफी उतार चढ़ाव देखे हैं। लेकिन इसका इकोसिस्टम भी धीरे-धीरे पहले से ज्यादा मजबूत हो रहा है।
वर्ष 2025 में एप्पल में $416.16 अरब डॉलर की बिक्री दर्ज की है। वही $109.6 अरब डॉलर का सर्विस रेवेन्यू कमाया है। आने वाले समय में भी एप्पल AI टेक्नोलॉजी में काफी बड़ी इन्वेस्टमेंट करने वाला है। इसके अलावा एप्पल अपने सप्लाई चेन डिपेंडेंसी को भी पहले से बेहतर करेगा।
कुल मिलाकर यह सब कुछ स्पष्ट करता है कि एप्पल अब केवल एक प्रोडक्ट बेस्ड कंपनी नहीं रही, बल्कि एप्पल अपने आप में एक बहुत बड़ी टेक्नोलॉजी बन चुका है।
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