B.Tech क्या है? 12वीं के बाद B.Tech कैसे करें? जानिए इसकी योग्यता, ब्रान्च, ऐडमिशन फीस और करियर की पूरी जानकारी?
शिक्षा के क्षेत्र में दिन-प्रतिदिन प्रतियोगिता बढ़ती जा रही है। आज अलग-अलग कोर्स को लेकर करियर के नए अवसर भी पैदा हो रहे हैं। इसी में से एक महत्वाकांक्षी कोर्स है B.Tech.

वे छात्र जिनका झुकाव इंजीनियरिंग, कंप्यूटर, टेक्नोलॉजी, मशीन, इलेक्ट्रॉनिक या किसी भी टेक्निकल विषय में है तो B.Tech. उनके लिए एक बेहतरीन विकल्प हो सकता है। एक समय था जब बीटेक. की डिग्री केवल इंजीनियर बनने तक ही सीमित थी, लेकिन आज बीटेक. के साथ कई सारे क्षेत्र जुड़ चुके हैं।
B.Tech. के बाद छात्र सॉफ्टवेयर डेवलपर, डाटा एनालिस्ट, साइबर सिक्योरिटी प्रोफेशनल, मैकेनिकल इंजीनियर, सिविल इंजीनियर, इलेक्ट्रॉनिक्स इंजीनियर, AI इंजीनियर जैसे अलग-अलग क्षेत्र में करियर बना सकते हैं।
हालांकि B.Tech. को लेकर कई प्रकार के सवाल छात्रों के मन में आज भी बने हुए हैं। 12वीं के बाद जब छात्र डिग्री कोर्स का चयन करते हैं तो उनके मन में कई प्रकार के सवाल भी होते हैं। वहीं B.Tech. को लेकर भी कई प्रकार के प्रश्न छात्रों के मन में बने रहते हैं, जिनका उत्तर संतुष्टि पूर्ण न मिलने पर वह गलत फैसला कर लेते हैं।
सबसे पहले समझते हैं बीटेक क्या है?
B.Tech. का पूरा नाम है बैचलर आफ टेक्नोलॉजी (Bachelor Of Technology). यह एक अंडरग्रैजुएट कोर्स है, जिसमें 12वीं के बाद अगले 4 साल तक छात्रों को इंजीनियरिंग और टेक्नोलॉजी से जुड़ी पढ़ाई करनी पड़ती है।
B.Tech. होने के बाद छात्रों को बैचलर आफ टेक्नोलॉजी की डिग्री मिलती है। B.Tech. में केवल किताबों से पढ़ाई नहीं कराई जाती क्योंकि यह एक प्रैक्टिकल विषय है इसलिए इसमें किताबी थ्योरी के अलावा लैब प्रोजेक्ट, प्रोग्रामिंग, मशीन टेक्नोलॉजी, प्रैक्टिकल इत्यादि के आधार पर पढ़ाया जाता है। छात्रों को उसी के आधार पर प्रैक्टिकल सॉल्यूशन निकालना सिखाया जाता है। यदि कोई छात्र इस डिग्री कोर्स को चुनता है तो अलग ब्रांच के आधार पर उसकी पढ़ाई भी अलग हो जाती है।
उदाहरण के लिए कंप्यूटर साइंस इंजीनियरिंग में प्रोग्रामिंग डाटा, कंप्यूटर नेटवर्क, सॉफ्टवेयर के बारे में पढ़ना पड़ता है। तो वही मैकेनिकल में मशीन से जुड़ी जानकारी मैन्युफैक्चरिंग, थर्मल सिस्टम इत्यादि पढ़ना पड़ता है। इसीलिए B.Tech. में दाखिला से पहले छात्र के लिए यह जरूरी है कि पहले वह तय कर लें की उन्हें कौन सी ब्रांच का चुनाव करना है और क्या वे इस ब्रांच के के विषय अच्छी तरह से समझ पाएंगे या नहीं?
12वीं के बाद कौन B.Tech. कर सकता है ?
B.Tech. ऐडमिशन के लिए कुछ विशेष योग्यताओं को पूरा करना जरूरी है। कोई भी 12वीं का छात्र बिना बेसिक एलिजिबिलिटी के B.Tech. में दाखिला नहीं ले सकता। बेसिक एलिजिबलिटी से यहां अर्थ है कक्षा 12वीं में फिजिक्स, मैथमेटिक्स जैसे विषय अनिवार्य रूप से होना।
हालांकि कई सारे इंस्टिट्यूट ऐसे हैं जो केमिस्ट्री, बायोटेक्नोलॉजी, बायोलॉजी, AI, टेक्निकल अथवा वोकेशनल सब्जेक्ट के आधार पर भी B.Tech. में दाखिला देते हैं।
B.Tech. में दाखिला से पहले छात्र के लिए यह जानना जरूरी है कि B.Tech. की एलिजिबिलिटी अर्थात पात्रता हर कॉलेज में हर यूनिवर्सिटी में अलग-अलग हो सकती है। यहां तक की कई प्रवेश परीक्षाओं में भी इसकी एलिजिबिलिटी अलग होती है। इसीलिए दाखिला से पहले छात्रों को कॉलेज में पूछी गई एलिजिबिलिटी के बारे में जानकारी होना जरूरी है। आमतौर पर B.Tech. करने के लिए 12वीं में फिजिक्स, केमेस्ट्री, मैथमेटिक्स जैसे विषय उत्तीर्ण होना अनिवार्य है। इसके अलावा अलग-अलग यूनिवर्सिटी/ कॉलेज में सब्जेक्ट कांबिनेशन के आधार पर भी दाखिला दिया जाता है।
B.Tech. में प्रवेश के लिए 12वीं में कितने प्रतिशत होने चाहिए?
किसी भी छात्र के लिए यह सबसे महत्वपूर्ण सवाल होता है कि आखिर B.Tech. में दाखिला के लिए उसे 12वीं में कितने प्रतिशत लाने होंगे? लेकिन सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि अलग-अलग कॉलेज और प्रवेश प्रक्रिया के आधार पर यह प्रतिशत का आंकड़ा बदल सकता है। B.Tech. में दाखिला के लिए कई कॉलेज 12वीं में 60% से ऊपर के अंक की मांग करते हैं, तो वही 50% से 60% पर भी दाखिला दे देते हैं।
SC, ST, और OBC वाले विद्यार्थियों को 45% पर भी दाखिला मिल सकता है जो अगल – अलग कॉलेजों और उनके प्रवेश परीक्षा के नियमों पर दिया जाता है
आवश्यक प्रतिशत की मांग असल में कॉलेज की प्रतिष्ठा और डिमांड के आधार पर निर्धारित होती है। उदाहरण के लिए NIT, IIIT जैसे संस्थान केवल 12वीं के प्रतिशत के आधार पर नहीं बल्कि JEE MAINS जैसी प्रवेश परीक्षा के आधार पर दाखिला देते हैं। वहीं लोकल कॉलेज की पात्रता मापदंड अलग होती है। इनमें से लगभग हर कॉलेज केवल 12वीं के प्रतिशत नहीं बल्कि प्रवेश परीक्षा के प्रतिशत भी देखते हैं।
हालांकि छात्रों के लिए यह जाना जरूरी है कि यदि उनका लक्ष्य NIT, IIIT, IIT VIT BITS इत्यादि या किसी बड़े सरकारी इंजीनियरिंग इंस्टीट्यूट में दाखिला लेना है तो उन्हें JEE MAINS/ADVANCE या अन्य प्रवेश परीक्षा उत्तीर्ण करना जरूरी है और इसी के स्कोर के आधार पर एडमिशन सुरक्षित होता है।
कैसे होता है B.Tech. में एडमिशन ?
B.Tech. में एडमिशन के लिए छात्रों के पास कई अलग-अलग रास्ते होते हैं। हालांकि सबसे ज्यादा चर्चा प्रवेश परीक्षा वाली एडमिशन की ही होती है। छात्रों में आमतौर पर इसी प्रकार का भ्रम फैला रहता है कि JEE MAINS के बाद ही B.Tech. में एडमिशन मिलेगा, लेकिन ऐसा नहीं है।
कई सारे प्राइवेट कॉलेज या स्टेट लेवल कॉलेज अपनी अलग से प्रवेश परीक्षा आयोजित करते हैं। वहीं बहुत सारे कॉलेज 12वीं के स्कोर के आधार पर छात्रों का चयन करते हैं। हालांकि प्रवेश परीक्षा लेने का मुख्य उद्देश्य होनहार छात्रों को चुनना है। आमतौर पर नेशनल प्रवेश परीक्षाएं या राज्य स्तरीय प्रवेश परीक्षाएं उच्च स्तर के कॉलेज में दाखिला के लिए ली जाती हैं।
B.Tech. की प्रवेश प्रक्रिया कुछ इस प्रकार होती है:
- 12वीं अच्छे स्कोर के साथ उत्तीर्ण करें,
- उसके बाद प्रवेश परीक्षा दें
- स्कोर और रैंक के आधार पर कॉलेज या ब्रांच का चुनाव करें
- मेरीट बेसिस के आधार पर छात्रों का सीट अलॉटमेंट होगा।
- इसके बाद डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन होगा।
- डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन के बाद हर कॉलेज अपनी फीस लेगा
- फीस जमा करने पर ही एडमिशन पूरी मानी जायेगी।
एक अच्छे कॉलेज में एडमिशन के लिए छात्र को 12वीं में भी मेहनत करनी पड़ती है और प्रवेश परीक्षा में भी ध्यान देना पड़ता है। उसी के आधार पर बेहतरीन कॉलेज और बेहतरीन ब्रांच मिलता है। अन्यथा हर बार कॉलेज द्वारा लिस्ट जारी की जाती है और इस लिस्ट के आधार पर ही छात्र को शॉर्टलिस्ट किया जाता है।
इसके बावजूद अगर कोई सीट बच जाती है तो कॉलेज या प्रशिक्षण संस्थान कम प्रतिशत वाले छात्रों को भी सूची में शामिल करते हैं। कई बार कॉलेज और इंस्टीट्यूशन केवल 2 से 3 लिस्ट जारी करते हैं, तो कई बार 3 से 5 लिस्ट भी जारी की जाती है। लिस्ट का आंकड़ा पूरी तरह से रिक्त सीटों को भरने पर निर्भर करता है। इसीलिए छात्रों के लिए जरूरी है कि वह कॉलेज चुनने से पहले यह देख ले कि वहां एडमिशन कैसे होता है?
B.Tech. में प्रवेश परीक्षा की क्या आवश्यकता है?
आमतौर पर B.Tech. में दाखिला प्रवेश परीक्षा के आधार पर मिलता है। यह परीक्षा अच्छे सरकारी और प्रतिष्ठित इंजीनियरिंग कॉलेज के लिए ही लागू होती है। B.Tech. में दाखिला के लिए छात्रों को निम्नलिखित प्रवेश परीक्षाओं से गुजरना पड़ता है:
JEE Mains: यह देश की प्रमुख इंजीनियरिंग परीक्षा है। परीक्षा के आधार पर छात्रों को देश के जाने-माने इंजीनियरिंग संस्थान में प्रवेश मिलता है। JEE MAINS के आधार पर छात्र BE और B.Tech. में प्रवेश ले सकते हैं। आमतौर पर JEE पेपर I के माध्यम से ही इंजीनियरिंग संस्थानों में प्रवेश सुनिश्चित होता है, जिसमें मुख्य रूप से NIT, IIIT जैसे बड़े संस्थानों में प्रवेश प्रक्रिया पूरी की जाती है।
JEE Advance: वे सभी छात्र जो IIT में बीटेक करना चाहते हैं उन्हें JEE एडवांस परीक्षा में सम्मिलित होना पड़ता है। JEE MAINS में पास छात्र JEE एडवांस में शामिल होते हैं और इसके बाद उन्हें स्कोर के आधार पर IIT में B.Tech. करने का मौका मिलता है। हालांकि हर बार इसकी निर्धारित प्रतिशत, स्कोर, रैंक, मेरिट सूची, कट ऑफ इत्यादि में बदलाव होता है। इसीलिए IIT में प्रवेश से पहले छात्रों के लिए यह जानना जरूरी है कि हर वर्ष के आधिकारिक नियमों में क्या बदलाव हुआ है?
स्टेट लेवल एंट्रेंस एग्जाम: JEE MAINS/JEE ADVANCE के अलावा कई सारे प्राइवेट कॉलेज या स्टेट लेवल कॉलेज B.Tech. में दाखिला उनकी स्टेट लेवल परीक्षा या प्राइवेट परीक्षा के माध्यम से भी देते हैं। कई निजी और डीम्ड यूनिवर्सिटी अपनी अलग एडमिशन प्रोसेस आयोजित करते हैं। ऐसे में वे सभी छात्र जो JEE नहीं दे रहे या देने में विफल हो चुके हैं इन कॉलेज में B.Tech. में एडमिशन की कोशिश कर सकते हैं। हालांकि यहां पर भी एडमिशन का पूरा आधार कक्षा 12वीं का स्कोर ही होता है।
B.Tech. कुल कितने साल का कोर्स है?
B.Tech. एक डिग्री कोर्स है जो 4 साल का अंडरग्रैजुएट कोर्स माना जाता है। इन 4 सालों में हर वर्ष 2 सेमेस्टर पूरे करने होते हैं। अर्थात प्रत्येक छात्र को B.Tech. की डिग्री पाने के लिए 8 सेमेस्टर उत्तीर्ण करने होंगे। हर सेमेस्टर में अलग-अलग विषय पढ़ने पड़ते हैं। हर ब्रांच में विषयों की संख्या और विषयों का आधार अलग हो जाता है।
4 साल की पढ़ाई में छात्रों को इंजीनियरिंग के बेसिक सब्जेक्ट, विशेष ब्रांच से जुड़े स्पेशलाइजेशन सब्जेक्ट , प्रैक्टिकल और लैबोरेट्री में शोध, 4 साल में बनाए गए प्रोजेक्ट, इंटर्नशिप, हासिल किए गए टेक्निकल स्किल और फाइनल ईयर प्रोजेक्ट पूरे करने पड़ते हैं। हालांकि बड़े संस्थान जैसे कि NIT, IIT, IIIT, VIT, BITS पिलानी जैसे संस्थानों में कोर्स स्ट्रक्चर और सेमेस्टर सिस्टम काफी अलग होता है।
B.Tech. की प्रमुख ब्रांच कौन सी हैं?
B.Tech. में आज कई सारी नई ब्रांच जुड़ी चुकी हैं। जरूरी नहीं की हर कॉलेज में सारी ब्रांचेस उपलब्ध हों इसीलिए छात्रों के लिए जरूरी है कि वह कॉलेज चुनने से पहले यह पता कर लें की उनकी मनपसंद ब्रांच उसे कॉलेज में है या नहीं? कई बार यह भी देखा गया है कि कॉलेज के हिसाब से इन ब्रांचेस के नाम अलग होते हैं और कोर्स स्ट्रक्चर में भी बदलाव होता है। आमतौर में B.Tech. की कुछ प्रमुख ब्रांचेस इस प्रकार है:
कम्प्यूटर साइन्स इंजीनियरिंग (CSE): वर्तमान में B.Tech. की यह सबसे लोकप्रिय ब्रांच बन चुकी है। इस ब्रांच में प्रोग्रामिंग, सॉफ्टवेयर, डेटाबेस, ऑपरेटिंग सिस्टम, कंप्यूटर नेटवर्क, एल्गोरिथम जैसे विषय पढ़ाए जाते हैं। बीटेक में कंप्यूटर साइंस इंजीनियरिंग की डिग्री मिलने के बाद छात्र बड़े संस्थानों में सॉफ्टवेयर डेवलपर, वेब डेवलपर, एप डेवलपर, डाटा रिलेटेड जॉब और विभिन्न IT जॉब में हाथ आजमा सकते हैं।
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस एंड मशीन लर्निंग (AI and machine learning) : आज का जमाना AI का जमाना बन चुका है। ऐसे में B.Tech. में भी AI और मशीन लर्निंग का कोर्स जोड़ दिया गया है। वर्तमान में यह कंप्यूटर साइंस इंजीनियरिंग के बाद सबसे लोकप्रिय ब्रांच है। इस ब्रांच में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, मशीन लर्निंग, डाटा और इंटेलिजेंस सिस्टम से जुड़े कई सारे कांसेप्ट पढ़ाए जाते हैं और इसके बाद बड़ी AI कंपनी में छात्रों को प्लेसमेंट ऑफर की जाती है।
इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी (IT): IT ब्रांच पर फोकस करने वाले छात्रों के लिए यह ब्रांच एकमात्र विकल्प है, जहां कंप्यूटर, सॉफ्टवेयर, इनफॉरमेशन सिस्टम और टेक्नोलॉजी इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़े कोर्स करवाए जाते हैं। हालांकि एक समय था जब यह ब्रांच सबसे लोकप्रिय ब्रांच की परंतु आज की स्थिति में इस ब्रांच की मांग पहले से कम हुई है।
इलेक्ट्रॉनिक्स और कम्युनिकेशन (E&C) : यह ब्रांच B.Tech. की एक सदाबहार ब्रांच मानी जाती है। इसमें इलेक्ट्रॉनिक्स, कम्युनिकेशन सिस्टम, सर्किट सिग्नल और हार्डवेयर से जुड़े विषय पढ़ाए जाते हैं। आज भी यह ब्रांच छात्रों की सबसे ज्यादा पसंदीदा ब्रांच है खासकर वह छात्र जिन्हें इलेक्ट्रॉनिक्स में दिलचस्पी है।
इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग (Electrical Engineering) : पावर मशीन और सर्किट में दिलचस्पी रखने वाले छात्रों के लिए B.Tech. की यह ब्रांड सबसे ज्यादा लाभकारी ब्रांच साबित हो रही है। वे छात्र जिन्हें इलेक्ट्रिक सिस्टम, पावर मशीन, सर्किट एनर्जी सिस्टम जैसे क्षेत्र में करियर बनाना है उनके लिए यह ब्रांच सबसे ज्यादा फायदेमंद है।
मैकेनिकल इंजीनियरिंग (ME): मशीन/ ऑटोमोबाइल क्षेत्र में करियर बनाने का सपना देखने वाले छात्रों के लिए मैकेनिकल इंजीनियरिंग की ब्रांच की फायदेमंद साबित होती है। इस ब्रांच में मैकेनिकल सिस्टम, मैन्युफैक्चरिंग जैसे विषय पढ़ाए जाते हैं।
सिविल इंजीनियरिंग (CIVIL) : वे छात्र जो बिल्डिंग, रोड, ब्रिज, कंस्ट्रक्शन इत्यादि में करियर बनाना चाहते हैं उनके लिए सिविल इंजीनियरिंग की ब्रांच सबसे बेहतरीन होती है। सिविल इंजीनियरिंग और B.Tech. के विषयों के संयोजन के साथ 4 साल छात्रों को अलग-अलग सेमेस्टर में सिविल इंजीनियरिंग और B.Tech. के विषय पढ़ाये जाते हैं।
केमिकल इंजीनियरिंग (Chemical engineering): इस कोर्स में केमिकल प्रोसेस, इंडस्ट्रियल प्रोडक्शन, केमिकल प्लांट्स जैसे इंजीनियरिंग कॉन्सेप्ट पढ़ाये जाते हैं, जिसमें B.Tech. के बेसिक सब्जेक्ट के साथ स्पेशलाइजेशन सब्जेक्ट जोड़ दिए जाते हैं।
बायोटेक्नोलॉजी (BIO): आजकल B.Tech. में बायोटेक्नोलॉजी के साथ भी दाखिला संभव हो रहा है। बायोलॉजी और टेक्नोलॉजी दोनों को जोड़कर इस कोर्स की पढ़ाई करवाई जाती है जिसमें बायोटेक्नोलॉजी रिसर्च और इंडस्ट्रियल एप्लीकेशन को स्पेशलाइजेशन सब्जेक्ट बनाया जाता है और साथ ही B.Tech. के बेसिक सब्जेक्ट पढ़ते जाते हैं।
अन्य ब्रांच: इसके अलावा आज B.Tech. में एयरोस्पेस इंजीनियरिंग, ऑटोमोबाइल इंजीनियरिंग ,बायोमेडिकल इंजीनियरिंग, फूड टेक्नोलॉजी, एनवायरमेंटल इंजीनियरिंग, रोबोटिक और अन्य नए स्पेशलाइजेशन सब्जेक्ट भी जुड़ चुके हैं। 12वीं के बाद छात्र अपने इंटरेस्ट के आधार पर इन ब्रांच में से अपने लिए सही ब्रांच चुन सकते हैं।
B.Tech. रेगुलर और ओपन /डिस्टेंस एजुकेशन क्या है?
रेगुलर B.Tech. –
- B.Tech. रेगुलर और ओपन /डिस्टेंस एजुकेशन के बीच अंतर समझना बहुत जरूरी है।
- रेगुलर B.Tech में छात्रों को रोजाना कॉलेज जाना पड़ता है क्लासेस अटेंड करनी पड़ती है।
- यहां उन्हें लैबोरेट्री, प्रैक्टिकल प्रोजेक्ट और अन्य एक्टिविटीज का हिस्सा बनना पड़ता है।
- रेगुलर कोर्स में छात्रों थ्योरी ही नही बल्कि स्किल डेवलपमेंट पर ध्यान देना पड़ता है जिससे छात्रों में ओवरऑल डेवलपमेंट होता है क्योंकि उन्हें रोजाना प्रैक्टिकल ट्रेनिंग दी जाती है।
ओपन/डिस्टेंस B.Tech.-
- इसके विपरीत ओपन और डिस्टेंस एजुकेशन सामान्य डिग्री से काफी अलग होता है क्योंकि इसमें छात्रों को लैबोरेट्री, प्रोजेक्ट, प्रैक्टिकल ट्रेनिंग का कोई सहारा नहीं मिलता।
- इसीलिए इंजीनियरिंग या टेक्नोलॉजी प्रोग्राम को ऑनलाइन या डिस्टेंट मोड में चुनने से पहले यह जरूरी है कि वह छात्र पहले इसकी पूरी इनफार्मेशन प्राप्त करें ।
- वर्तमान में UGC रेगुलेशन के अंतर्गत B.Tech. के ओपन और डिस्टेंस लर्निंग कोर्सेज में काफी सारे रिस्ट्रिक्शन रखे गए हैं।
- UGC के नियमो के मुताबिक BE और B.Tech. को डिस्टेंस मॉड में ऑफर करने पर रोक भी लगाई गई है।
- लेकिन फिर भी कई सारे ऐसे संस्थान है जो डिस्टेंट मोड/ऑनलाइन मोड में B.Tech. की डिग्री ऑफर कर रहे हैं।
- हालांकि छात्रों के लिए यह जानना जरूरी है कि डिस्टेंट मोड में B.Tech. पढ़ने के बाद करियर बनाने में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ेगा।
- यहां तक की UGC भी मान्यता प्राप्त अप्रूव्ड प्रोग्राम्स में ही एनरोलमेंट लेने की सलाह देता है अन्यथा B.Tech. की डिग्री वैलिड नहीं मानी जाती।
ऑनलाइन या डिस्टेंट B.Tech. ऐडमिशन से पहले किन बातों का ध्यान रखें?
यदि छात्र B.Tech. में एडमिशन लेना चाहते हैं और वह ऑनलाइन या डिस्टेंट कोर्स ढूंढ रहे हैं तो कुछ बातों का ध्यान रखना जरूरी है:
➜ सबसे पहले तो यह समझ ले कि यहां प्रैक्टिकल लैबोरेट्री और प्रोजेक्ट वाले पार्ट को कैसे पढ़ाया जाएगा?
➜ जिस कॉलेज में B.Tech. में दाखिला लिया जा रहा है उसकी UGC मान्यता क्या है?
➜ क्या इस कॉलेज में B.Tech. प्रोग्राम को अप्रूवल मिला है?
➜ कॉलेज के AICTE और UGC से जुड़े ग्रांट और वर्तमान जानकारी जांच लें।
➜ कॉलेज की ऑफिशल वेबसाइट पर एडमिशन नोटिफिकेशन सावधानी से पढ़ लें।
➜ फीस के बारे में जानकारी प्राप्त करें।
➜ 4 साल के बाद जब यह कॉलेज आपको डिग्री देगा तो इस डिग्री की महत्वता क्या होगी ?इसकी जानकारी भी प्राप्त करें।
➜ क्या यह कॉलेज आपकी प्लेसमेंट या नौकरी ढूंढने में कोई सहायता करेगा ?
➜ क्या इससे पहले कॉलेज से B.Tech. कर चुके छात्रों को नौकरी मिली है या उनकी डिग्री वैलिड मानी गई है?
B.Tech. करने के क्या फायदे
12वीं के बाद B.Tech. को लेकर छात्रों के दिमाग में अक्सर सवाल आता है कि आखिर B.Tech. करने के बाद क्या फायदा मिलता है? B.Tech. का अर्थ ही बैचलर आफ टेक्नोलॉजी है। अर्थात ऐसे छात्र जो टेक्निकल क्षेत्र में करियर बनाना चाहते हैं उनके लिए B.Tech. की पढ़ाई फायदेमंद होती है। B.Tech.

- छात्र सबसे पहले अपने पसंदीदा कोर्स में एडवांस तकनीकी नॉलेज हासिल करते हैं और उन्हें इससे जुड़े अन्य कॉन्सेप्ट सीखने को मिलते हैं।
- छात्र के द्वारा चुनी गई ब्रांच के आधार पर उन्हें डिग्री मिलती है।
- इस डिग्री के आधार पर छात्र अलग-अलग करियर ऑप्शन ट्राई कर सकते हैं।
- B.Tech. के बाद प्राइवेट सेक्टर ,गवर्नमेंट जॉब्स ,स्टार्टअप, रिसर्च या हायर स्टडी के रास्ते खुल जाते हैं।
- इस डिग्री के आधार पर कई बार छात्रों को बड़ी कंपनियों में इंटर्नशिप भी मिल जाती है।
- इसके अलावा छात्र प्रैक्टिकल प्रोजेक्ट के जरिए इंडस्ट्री को समझ सकते हैं।
- B.Tech. के बाद MS, MBA, M.Tec जैसे अन्य पोस्ट ग्रैजुएट प्रोग्राम्स में भी आगे बढ़ सकते हैं।
- इस डिग्री के आधार पर छात्र स्टार्टअप भी खोल सकते हैं या अपना कोई टेक्नोलॉजी बेस्ड बिजनेस भी शुरू कर सकते हैं।
B.Tech करने के बाद कौन सी नौकरी मिलती है ?
B.Tech करने के बाद नौकरी कौन सी मिलती है और कहां मिलती है यह पूरी तरह से छात्र द्वारा चुनी गई ब्रांच, स्किल, एक्सपीरियंस पर निर्भर करता है।
कंप्यूटर साइंस और IT ब्रांच में B.Tech : छात्रों को सॉफ्टवेयर डेवलपर, वेब डेवलपर, एप डेवलपर, डाटा एनालिस्ट, क्लाउड रिलेटेड रोल, साइबर सिक्योरिटी रोल, सॉफ्टवेयर टेस्टिंग, डेटाबेस रिलेटेड जॉब्स ऑफर होते हैं।
मैकेनिकल इंजीनियरिंग में B.Tech : मैकेनिकल इंजीनियरिंग, डिजाइन इंजीनियर, प्रोडक्शन इंजीनियर, मैन्युफैक्चरिंग रोल,
ऑटोमोबाइल सेक्टर में B.Tech : यहां ऑटोमोबाइल सेक्टर से जुड़े रोल में जॉब ऑफर होता है।
सिविल इंजीनियरिंग में B.Tech : साइट इंजीनियर, स्ट्रक्चर रिलेटेड रोल, कंस्ट्रक्शन सेक्टर जॉब, इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट ,गवर्नमेंट कंस्ट्रक्शन प्रोजेक्ट, प्लानिंग और ऐस्टीमेशन रोल जैसे विभिन्न क्षेत्रों में जॉब
इलेक्ट्रिक इंजीनियरिंग में B.Tech : पावर सेक्टर जॉब, मेंटेनेंस रोल, सरकारी जॉब, कंट्रोल एंड ऑटोमेशन रिलेटेड जॉब,
इलेक्ट्रॉनिक्स एंड कम्युनिकेशन में B.Tech : एंबेडेड सिस्टम में जॉब, टेलीकॉम सेक्टर, हार्डवेयर रिलेटेड जॉब , सेमीकंडक्टर रिलेटेड ऑपच्यरुनिटीज
क्या B.Tech के बाद सरकारी नौकरी मिलती है?
अगर कोई छात्र B.Tech के बाद सरकारी नौकरी करना चाहता है तो कई सारे दरवाजे खुले रहते हैं। छात्र इंजीनियरिंग / ग्रेजुएट के आधार पर UPSC की परीक्षा में बैठ सकते हैं।
स्टेट पब्लिक सर्विस कमिशन की परीक्षा दे सकते हैं।
SSC लेवल की ग्रेजुएट लेवल परीक्षा में भी भाग ले सकते हैं।
इसके अलावा कई सारी सरकारी कंपनियां B.Tech के बाद डायरेक्ट रिक्रूटमेंट प्रदान करती हैं।
वहीं कई सरकारी प्रोजेक्ट भी B.Tech के बाद अच्छी जॉब ऑफर करते हैं।
इसके अलावा कई बैंक और संस्थानों में B.Tech की डिग्री के आधार पर सरकारी जॉब की गारंटी भी मिल जाती है।
हालांकि जॉब प्लेसमेंट पूरी तरह से वैकेंसी की संख्या, छात्र द्वारा हासिल किए गए प्रतिशत और अन्य एलिजिबिलिटी पर निर्भर करती है।
B.Tech की फीस कितनी होती है ?
B.Tech की फीस अलग-अलग संस्थान के आधार पर तय की जाती है। एक संस्थान जब B.Tech की फीस निर्धारित करता है तो कई फैक्टर पर ध्यान देता है। हालांकि इस फीस पर कई चीजों का असर भी पड़ता है जैसे कि: कॉलेज सरकारी है या निजी? कॉलेज का लेवल क्या है? छात्र कौन सी ब्रांच का चयन कर रहा है? किस राज्य का कॉलेज है ? कॉलेज में छात्र हॉस्टल का चयन कर रहा है ? मेस का चयन कर रहा है? अन्य सुविधाओं का लाभ उठा रहा है या नहीं? छात्र की स्कॉलरशिप है या नहीं ? या कॉलेज अन्य एकेडमिक चार्ज कैसे लेता है ?
आमतौर पर बड़े संस्थानों की फीस बहुत ज्यादा होती है। वही स्टेट लेवल या छोटे-मोटे प्राइवेट कॉलेज की फीस तुलनात्मक रूप से कम होती है। प्राइवेट कॉलेज का जितना बड़ा इंफ्रास्ट्रक्चर होगा और जितनी बेहतरीन व्यवस्था होगी उसी के आधार पर फीस ली जाती है।
उदाहरण के लिए:
- IIT दिल्ली, IIT बॉम्बे या अन्य IIT में यह फीस 8 से 10 लाख रुपए तक है।
- बिट्स पिलानी में यह फीस 25 से 40 लाख रुपए के बीच हो सकती है।
- अन्य स्टेट लेवल कॉलेज में यह फीस ₹65,000 से 2 लाख के बीच होती है।
- VIT/NIT जैसे संस्थानों में यह फीस 6 लाख से 12 लाख के बीच होती है।
- अन्य राज्य में कॉलेज के इंफ्रास्ट्रक्चर और स्तर के आधार पर यह फीस कम ज्यादा हो सकती है।
B.Tech के बाद कौन से कोर्सेज किए जा सकते हैं?
- B.Tech की डिग्री होने के बाद छात्र MS में स्पेशलाइजेशन कर सकते हैं।
- छात्र चाहे तो मैनेजमेंट, बिजनेस, फाइनेंस या मार्केटिंग में MBA का विकल्प भी चुन सकते हैं।
- इसके अलावा छात्र विदेश में हायर एजुकेशन के लिए एस प्रोग्राम का चयन भी कर सकते हैं। हालांकि इसके लिए ऐडमिशन एलिजिबिलिटी अलग-अलग हो जाती है।
- वहीं B.Tech के बाद छात्र रिसर्च और टीचिंग में करियर बनाने हेतु Ph.D का विकल्प भी चुन सकते हैं।
B.Tech करने से पहले छात्र क्या तैयारी शुरू करें?
वे सभी छात्र जो आगे चलकर 12वीं के बाद B.Tech करने की सोच रहे हैं, उनके लिए सबसे पहले जरूरी कदम है कि उन्हें 12वीं में फिजिक्स, केमेस्ट्री, मैथमेटिक्स जैसे सब्जेक्ट लेने होंगे।
साथ ही अभी से ही उन्हें इंजीनियरिंग ब्रांचेस की जानकारी इकट्ठा करनी होगी।
छात्रों के लिए यह भी जरूरी हो जाता है कि वे JEE MAINS /ADVANCE या अन्य एंट्रेंस एग्जाम की तैयारी शुरू करते हैं।
एंट्रेंस एग्जाम के रिजल्ट और काउंसलिंग के आधार पर ही B.Tech में दाखिला सुनिश्चित होता है।
छात्रों को यहां पर भी ब्रांच का चुनाव सोच समझकर करना होगा।
फीस, प्लेसमेंट, लैब, प्रैक्टिकल प्रोजेक्ट इत्यादि की जानकारी पहले से ही इकट्ठा कर लें।
केवल B.Tech डिग्री पर निर्भर ना रहे बल्कि अभी से ही अपने स्किल बेहतर करें। इंटर्नशिप के अवसर ढूंढे और प्रोजेक्ट के बारे में तैयारी करना शुरू कर दे।
निष्कर्ष
B.Tech 12वीं के बाद उन विद्यार्थियों के लिए एक बेहतरीन विकल्प है जिन्हें इंजीनियरिंग और टेक्नोलॉजी में रुचि है। लेकिन B.Tech को करियर चुनने से पहले केवल यह न देखें कि कौन सी ब्रांच में सबसे ज्यादा सैलरी मिलेगी? बल्कि यह देखें कि छात्र खुद किस ब्रांच में अपना भविष्य बना सकते हैं?
वहीं छात्र जिन्हें IIT, NIT या दूसरे अच्छे इंजीनियरिंग कॉलेज में एडमिशन चाहिए उनके लिए जरूरी है कि वह अभी से ही एंट्रेंस परीक्षा की तैयारी शुरू कर दें और दाखिला से पहले एलिजिबिलिटी सिलेक्शन प्रोसेस इत्यादि का ध्यान रखें।
FAQ
क्या B.Tech करने के लिए मैथ्स पर पकड़ होनी जरूरी है?
मैथ्स की अच्छी समझ B.Tech में मदद करती है लेकिन केवल अकेले मैथ्स से B.Tech नहीं पूरा होता। मैथ्स कमजोर है तो अन्य विषयों पर ध्यान देकर इसे कवर किया जा सकता है।
क्या B.Tech के बाद तुरंत नौकरी मिलती है ?
B.Tech डिग्री नौकरी की गारंटी नहीं देती। आपकी ब्रांच, आपके प्रैक्टिकल स्किल, इंटर्नशिप और इंटरव्यू इत्यादि नौकरी की गारंटी देते हैं।
B.Tech करते समय इंटर्नशिप करना जरूरी है या नहीं?
यदि आप अपने स्किल को डेवलप करना चाहते हैं तो इंटर्नशिप बहुत ही ज्यादा फायदेमंद होती है। इससे रिज्यूम मजबूत होता है। हालांकि यह करना जरूरी नहीं।
B.Tech और BE में क्या अंतर है ?
B.Tech और BE दोनों ही अंडरग्रैजुएट इंजीनियरिंग डिग्री है, लेकिन करियर ऑपच्यरुनिटी दोनों में काफी अलग होती है। क्योंकि कोर्स स्ट्रक्चर दोनों का ही अलग-अलग होता है।
क्या B.Tech करने के बाद विदेश में पढ़ाई की जा सकती है?
जी हां B.Tech के बाद विदेश में MS, MBA या अन्य पोस्ट ग्रैजुएट कोर्सेज किया जा सकते हैं। हालांकि उसके लिए अन्य एलिजिबिलिटी पूरी करनी पड़ती है।
क्या PCM के बिना B.Tech किया जा सकता है?
हालांकि फिजिक्स,केमेस्ट्री और मैथमेटिक्स B.Tech के लिए जरूरी होते हैं । लेकिन कई बार अलग-अलग ब्रांच के आधार सब्जेक्ट कांबिनेशन अलग हो सकते हैं।
क्या B.Tech के बाद JEE MAINS करना जरूरी है ?
जी नहीं, हर कॉलेज के लिए JEE MAINS जरूरी नहीं है। हालांकि यदि प्रमुख संस्थानों में दाखिला चाहिए तो जी मैंस/एडवांस होना आवश्यक है।
क्या 45% से 50% के बीच अंक लाने पर B.Tech में दाखिला मिलता है?
B.Tech में दाखिला पूरी तरह से कॉलेज के द्वारा निर्धारित की गई एलिजिबिलिटी के आधार पर मिलता है। कई बार कम प्रतिशत होने के बावजूद भी किसी ब्रांच में दाखिला मिल जाता है और कई बार कंपटीशन ज्यादा होने की वजह से 60% से 70% पर भी दाखिला नहीं मिलता।
B.Tech के लिए सबसे बेहतरीन ब्रांच कौन सी है?
B.Tech की ब्रांच पूरी तरह से छात्र के इंटरेस्ट पर निर्भर करती है। हालांकि वर्तमान में कंप्यूटर साइंस, मैकेनिकल इंजीनियरिंग, सिविल इंजीनियरिंग, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसी ब्रांच की मांग ज्यादा है।
क्या पॉलिटिकल डिप्लोमा के बाद B.Tech कर सकते हैं?
जी हां, डिप्लोमा होल्डर्स के लिए B.Tech लैटरल एंट्री का विकल्प उपलब्ध होता है। इसके जरिए एलिजिबल स्टूडेंट्स को B.Tech के दूसरे वर्ष में डायरेक्ट प्रवेश मिलता है।
JEE मेंस में अच्छे अंक नहीं आए तो क्या B.Tech में दाखिला नहीं मिलेगा ?
जी नहीं JEE प्रमुख संस्थानों में दाखिला की गारंटी देता है लेकिन कई स्टेट लेवल यूनिवर्सिटी में इसकी जरूरत नही होती। 12 वीं के स्कोर के आधार पर दाखिला मिल सकता है।
क्या B.Tech में एडमिशन के बाद ब्रांच बदली जा सकती है?
कई कॉलेज में ब्रांच चेंज का विकल्प मिलता है लेकिन हर कॉलेज में मिलेगा इसकी गारंटी नहीं। यह पूरी तरह से उपलब्ध सीट पर निर्भर करता है।
क्या आर्ट्स और कॉमर्स के विद्यार्थी B.Tech कर सकते हैं?
यदि आर्ट्स या कॉमर्स के दौरान छात्र ने मैथमेटिक्स ,फिजिक्स, केमिस्ट्री जैसे विषयों का चयन किया है तो निश्चित रूप से कर सकते हैं। केवल आर्ट्स कॉमर्स बैकग्राउंड डायरेक्ट B.Tech में दाखिला नहीं प्राप्त कर सकते।
क्या B.Tech में बैक आने पर डिग्री नहीं मिलती?
बैक आने का मतलब फिर से उस सब्जेक्ट की परीक्षा दी जा सकती है। लेकिन अटेम्प्ट्स और मैक्सिमम ड्यूरेशन पूरी तरह से कॉलेज या यूनिवर्सिटी निर्धारित करता है।
क्या B.Tech में कॉलेज अच्छा नहीं होने पर डिग्री की वैल्यू खत्म हो जाती है?
कॉलेज की वैल्यू जॉब प्लेसमेंट पर असर डालती है लेकिन डिग्री की वैल्यू खत्म नहीं होती। हालांकि छात्र के स्किल, एक्सपीरियंस, प्रोजेक्ट इत्यादि के आधार पर जॉब की गारंटी बनी रहती है।
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