बीकॉम प्रोग्राम कोर्स क्या होता है किन स्टूडेंट को यह कोर्स करना चाहिए। Benefits of B.Com Programme
12वी क्लास पास होने के बाद अगर कोई भी विद्यार्थी B.com करने की सोचता है तो उस विद्यार्थी के लिए यह एक अच्छा ऑप्शन होता है बी.कॉम में ” फाइनेंस अकाउंटिंग ” बिज़नेस मैनेजमेंट ” मार्केटिंग ” कंपनी लाॅ के बारे में पढ़ाया जाता है। बीकॉम प्रोग्राम में एडमिशन लेने के लिए विद्यार्थी को सिर्फ 12वी कक्षा पास होना अनिवार्य है
बीकॉम ( ग्रेजुएशन ) 3 से 4 साल का होता है रेगुलर या ओपन डिस्टेंस दोनों के माध्यम से किया जा सकता है
बीकॉम में पढ़ाई जाने वाले कुछ मुख्य सब्जेक्ट :-
- फाइनेंसियल अकाउंटिंग
- बिजनेस लो
- बैंकिंग एंड इंश्योरेंस
- इकोनॉमिक्स
- मार्केटिंग
- बिजनेस मैनेजमेंट
- ऑडिटिंग
- इनकम टैक्स
- कॉस्ट अकाउंटिंग
- कंपनी लाॅ
- एंटरप्रेन्योरशिप
बीकॉम ( B.com ) के मुख्य प्रकार
- बीकॉम प्रोग्राम ( B.com programme ) :- सबसे साधारण और आसान होता है इनमें विद्यार्थी को बेसिक सब्जेक्ट के बारे में पढ़ाया जाता है।
- बीकॉम होनोर्स ( B.com Honours ) :- इनमें विद्यार्थी के चुने जाने वाले सब्जेक्ट को गहराई से पढ़ाया जाता है
- बीकॉम अकाउंटिंग और फाइनेंस ( B.com Accounting & Finance ) :- अकाउंटिंग और फाइनेंस के बारे में गहराई से पढ़ाया जाता है
- बैंकिंग इंश्योरेंस ( B.com Banking & Insurance ) :- इसमें विद्यार्थी को बैंकिंग इंश्योरेंस से रिलेटेड के बारे में पढ़ाया जाता है बैंक कैसे काम करता है लोन कैसे दिया जाता है निवेश कैसे करे। और भी कई अन्य विषय के बारे में पढ़ाया जाता है
- बीकॉम टैक्सेशन ( B.com Taxation ) :- विद्यार्थी को इनकम टैक्स और जीएसटी के बारे में पढ़ाया जाता है
- बीकॉम फॉरेन ट्रेड / इंटरनेशनल बिजनेस :- एक देश से दूसरे देश में व्यापार कैसे करते हैं
- बी.कॉम कंप्यूटर एप्लीकेशंस: वाणिज्य और कंप्यूटर विषयों का संयोजन
B.com programme full form :- ( Bachelor of Commerce Programme
B.com प्रोग्राम क्या होता है
B.com प्रोग्राम एक सामान्य कॉमर्स डिग्री होती है जिसको B.com जनरल भी कहा जाता है कोई भी विद्यार्थी इस कोर्स को किसी भी राज्य या किसी भी शहर से कर सकता है
बीकॉम प्रोग्राम कोर्स कॉलेज या विश्वविद्यालय के माध्यम से कराया जाता है
B.com प्रोग्राम 3 से 4 साल का होता है रेगुलर या ओपन (डिस्टेंस) दोनों के जरिए किया जा सकता है
B.com प्रोग्राम में एडमिशन कौन से विद्यार्थी करा सकते है
B.Com प्रोग्राम में एडमिशन लेने के लिए विद्यार्थी को 12वीं कक्षा किसी मान्यता प्राप्त बोर्ड से पास होना अनिवार्य है।
डिस्टेंस ( ओपन ) :- अगर कोई भी विद्यार्थी बीकॉम प्रोग्राम ओपन से करना चाहता है तो विद्यार्थी 12वीं क्लास पास होना ही काफी होता है कई विश्वविद्यालय या कॉलेज में 45% से 50% या उससे अधिक परसेंट देख सकते है यह कॉलेज और विश्वविद्यालय पर निर्भर करता है
रेगुलर :- अगर विद्यार्थी नियमित रूप से बीकॉम प्रोग्राम कोर्स करता है किसी भी विश्वविद्यालय या कॉलेज में एडमिशन पाने के लिए उसको सीयूईटी ( CUET ) पेपर देना पड़ता है कुछ कॉलेज या विश्वविद्यालय 12वीं क्लास के नंबर देखकर एडमिशन देते है लेकिन अधिकतम कॉलेज या विश्वविद्यालय में सीयूईटी पेपर देना पड़ता है
सीयूईटी पेपर देने के बाद विद्यार्थी के नंबर देखकर सीट दी जाती है
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B.com प्रोग्राम किस विद्यार्थी को करना चाहिए
बीकॉम प्रोग्राम उन विद्यार्थी को करना चाहिए जिनको “फाइनेंसियल अकाउंटिंग” बिजनेस लो ” बैंकिंग एंड इंश्योरेंस ” इकोनॉमिक्स ” मार्केटिंग ” बिजनेस मैनेजमेंट ” ऑडिटिंग ” इनकम टैक्स ” कॉस्ट अकाउंटिंग ” कंपनी लाॅ ” एंटरप्रेन्योरशिप” अगर इन सभी के बारे में बेसिक नॉलेज चाहिए। तो विद्यार्थी बीकॉम प्रोग्राम को कर सकता है
B.Com Programme करने के बाद आगे कौन-कौन सी पढ़ाई कर सकते हैं?
बीकॉम प्रोग्राम पूरा करने के बाद विद्यार्थी कौन सी पढ़ाई कर सकता है :-
- M.Com
- MBA
- MFC
- MA Economics
इत्यादि :- LLB ” B.Ed ”
pH.D भी कर सकते है लेकिन B.com programme पूरा करने के बाद विद्यार्थी सीधा ph. D नहीं कर सकता। उसके लिए M.com ” MBA ” MA Economics या कोई अन्य मास्टर डिग्री करनी पड़ती है उसके बाद विद्यार्थी ph.D कर सकता है
प्रोफेशनल कोर्स :-
- CA
- CS
- CMA
- CFP
- CFA
सरकारी नौकरी की तैयारी !
- UPSC
- SSC
- State PCS
- Banking Exams
- Railway Exams
निष्कर्ष :- बीकॉम प्रोग्राम में सिर्फ बेसिक नॉलेज दी जाती है अगर आपको अकाउंटिंग ” फाइनेंस ” इकोनॉमिक्स ” टैक्सेशन ” बिजनेस लॉ” के बारे में अच्छी तरह से सीखना है तो आप B.com Hons को करे। इसमें विद्यार्थी के चुने जाने वाले विषय को विस्तार ( गहराई ) से पढ़ाया जाता है

