कौन से धातु के बर्तन में पानी पीना शरीर के लिए बेहतरीन माना जाता है how to Benefits of Drinking Water from Metal Vessels” Easy guide in हिंदी” 2026
शरीर में हमेशा पानी की मात्रा अधिक होनी चाहिए। शरीर निरंतर एक्टिव और तंदुरुस्त रहता है कई लोग कहते हैं तांबा या पीतल धातु के गिलास में रोज पानी पीना सेहत के लिए अच्छा होता है लेकिन ऐसा बिल्कुल नहीं है इस आर्टिकल में जानेंगे किस धातु के बर्तन में पानी पीना सेहत के लिए अच्छा होता है विस्तार में संपूर्ण जानकारी।
किस धातु से बने बर्तन में पानी पीना सेहत के लिए अच्छा होता है
किसी भी धातु से बने बर्तन में पानी पीना सामान्य होता है जैसे पीतल, तांबा, चांदी लेकिन लगातार इनमें पानी पीना नुकसानदायक होता है
अगर सही मात्रा में लिया जाए। पीतल, तांबा, चांदी इनसे बने धातुओं में एंटीबैक्टीरियल आयन होते हैं जो पानी में घुलकर पानी के कीटाणुओं को मार देते हैं जिससे पानी शुद्ध हो जाता है पीने वाले व्यक्ति का पाचन ठीक रहता है इम्यूनिटी मजबूत रहती है त्वचा और बालों के लिए अच्छा होता है
अगर कोई व्यक्ति इनसे बने बर्तनों में तुरंत पानी रखकर तुरंत पी लेता है तो एंटीबैक्टीरियल आयन पानी के खराब बैक्टीरिया को नहीं मार पाते। जिससे पानी सामान्य रहता है क्योंकि एंटीबैक्टीरियल आयन को कुछ समय चाहिए होता है पानी के बैक्टीरिया को मारने के लिए।
पीतल तांबा चांदी से बने धातुओं में पानी 6 – 8 घंटे रखने से एंटीबैक्टीरियल आयन पानी के कीटाणुओं को खतम कर देते है जिससे पानी शुद्ध हो जाता है
पानी में मुख्य रूप से तीन जीव होते है अच्छे बैक्टीरिया, बुरे बैक्टीरिया, और कीटाणु। पीतल, तांबा, चांदी इनसे बने बर्तन में 6 – 8 घंटे पानी रखने से यह तीनों चीज मर जाते है।
अब सवाल है अच्छे बैक्टीरिया भी मर जाते हैं हां बिल्कुल लेकिन इससे कोई दिक्कत नहीं होती। क्योंकि हमारे पेट में पहले से ही अच्छे बैक्टीरिया रहते हैं।
पीने वाले पानी में अच्छे बैक्टीरिया मर जाने से पिया जाने वाला पानी हमको नुकसान नहीं पहुंचता। थोड़े से बैक्टीरिया मर जाने पर हमारे शरीर पर कोई नुकसान नहीं होता।
किस धातु से बने बर्तन में पानी पीना सेहत के लिए अच्छा होता है पीतल ” तांबा ” धातुओं से बने बर्तन में पानी पीने के फायदे!
इन धातुओं से बने बर्तन में पानी पीने से शरीर को कई सारे फायदे मिलते हैं जैसे
- शरीर के डाइजेशन पाचन को बेहतर बनाता है
- शरीर की इम्युनिटी को बढ़ाता है
- शरीर के बाह्य अंग में बेहतर। स्किन को चमकदार बनाता है बालों को मजबूत बनाए रखता है
- मेटाबॉलिज्म को बेहतर बनाता है
- एसिडिटी को कम करता है
किसी भी धातु के बर्तन है तांबा या पीतल रात में इनमें पानी भर के रख दो और सुबह खाली पेट पी लो मात्र ( 1-2 ) गिलास
चांदी इनमें भी एंटीबैक्टीरियल होता है पानी के बैक्टीरिया को मार देता है इसमें भी पानी पीना आरामदायक और फायदा मंद रहता है किंतु चांदी शुद्ध होनी चाहिए।
पीतल ” तांबा ” धातुओं से बने बर्तन में पानी रोज पीने से क्या – क्या नुक्सान होता है
अगर आप भी तांबा, पीतल या चांदी धातुओं से बने ग्लास बोतल या लोटे में पानी रोज पीते हो। तो आप बहुत बड़ी गलती कर रहे हो।
तांबा जो 100% कॉपर का बना होता है
पीतल जिसको कॉपर + जिंग को मिलाकर बनाया जाता है
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अगर कोई व्यक्ति रोजाना तांबे में पानी रखकर 4 से 5 घंटे में भी पीता है तो उस व्यक्ति को नुकसान हो सकता है क्योंकि तांबे में कॉपर होता है अगर शरीर में अधिक कॉपर की मात्रा बढ़ जाए। तब उल्टी” पेट दर्द” सिर दर्द” पेट में जलन” किडनी की समस्या” फूड पॉइजनिंग” चक्कर आना। यह सब बीमारियां हो सकती है। ऐसा ही पीतल के साथ होता है क्योंकि पीतल में भी कॉपर प्लस जिंक होता है अगर शरीर में ज्यादा जिंग की मात्रा हो जाए। तो लूज मोशन” सर दर्द” पेट दर्द” मेटल इन बैलेंस हो सकता है।

तांबा ” पीतल ” चांदी धातुओं से बने बर्तन में पानी पीने का सही तरीका। किस धातु के बर्तन में पानी पीना सेहत के लिए अच्छा होता है
किस धातु से बने बर्तन में पानी पीना सेहत के लिए अच्छा होता है सही तरीका क्या है
इन धातुओं के बर्तन में पानी पीने का सही तरीका सिर्फ दिन में एक ग्लास होता है उससे ज्यादा नहीं।
रात में इन धातुओं के बर्तन में पानी भर कर रख दो और सुबह खाली पेट पी सकते हो। रोज इनमें पानी पीने से परहेज करना चाहिए। हमेशा दो-तीन दिन का गैप जरूर दे। ऐसा करने से शरीर को लाभ मिलेगा। कोई दिक्कत नहीं होगी
अगर कोई इंसान तांबा या पीतल इन ग्लास में पानी भरकर तुरंत पी लेता है तो उसको कोई नुकसान नहीं होता। क्योंकि पानी में कॉपर या जिंग को मिश्रित होने के लिए कम से कम 1 से 2 घंटे चाहिए होते है
चांदी के बर्तन में पानी पीना सबसे बेहतरीन माना जाता है चांदी में कॉपर और जिंग मिश्रित नहीं होता। चांदी में एंटीबैक्टीरियल होता है जो पानी के बैक्टीरिया को मारता है लेकिन चांदी के बर्तन में रोज और लगातार अधिक पानी पीने से शरीर में चांदी की मात्रा बढ़ सकती है जिससे आर्जीरिया बीमारी हो सकती है स्किन का कलर नीला और ग्रे हो जाता है इसलिए चांदी के बर्तन में पानी रोज ना पिए। हमेशा एक दिन छोड़कर चांदी के बर्तन में पानी पीना चाहिए। मात्र एक ग्लास ;
चिंताजनक की बात कब होती है:- अगर कोई इंसान रोज रात में इन धातुओं के बर्तन में पानी रखकर सुबह खाली पेट एक गिलास से ज्यादा पीता है वह भी रोज तो उस इंसान को दिक्कत हो सकती है
किन लोगों को इन धातुओं से बने बर्तन में पानी पीने से अधिक सावधानी रखनी चाहिए।
- जिनको लिवर या किडनी की बीमारी हो। डॉक्टर से सलाह लेकर इनमें पानी पीना चाहिए
- छोटे बच्चों को तांबा, पीतल, चांदी, के बर्तन में पानी पिलाने से बचे।
- गर्भवती महिला
- जिनका पाचन तंत्र काफी कमजोर हो। उनको भी परहेज करना चाहिए
ध्यान :- तांबा और पीतल बर्तन का यूज करना। उसमें टीन की परत होनी चाहिए। नहीं तो शरीर में धातु का असर ज्यादा हो सकता है बर्तन को हमेशा साफ करके रखें नींबू और नमक से धो सकते है।
निष्कर्ष :- रोज तांबा, पीतल, चांदी धातुओं से बने बर्तन में पानी पीने से बचे। स्टील को आप रोज इस्तेमाल कर सकते है क्योंकि स्टील में कॉपर जिंग नहीं होता ना ही एंटीबैक्टीरियल होता है कोई भी दिक्कत नहीं होगी।
शरीर में कॉपर और जिंग की मात्रा थोड़ी होनी चाहिए। अर्थात जो पानी से मिल जाता है लेकिन अधिक मात्रा होने से शरीर को बहुत बड़ा नुकसान होता है
